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Rajasthan News: तुर्की किस्म बाजरे की खेती किसानों को करेगी मालामाल, देशी किस्म की तुलना में होगी डबल पैदावार

हमने और आप सभी ने बाजरे की फसल देखी होगी, जिसमें आमतौर पर एक- डेढ़ फीट की बालियां आती है
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Rajasthan News: हमने और आप सभी ने बाजरे की फसल देखी होगी, जिसमें आमतौर पर एक- डेढ़ फीट की बालियां आती है। लेकिन आपको बताएं कि बाजरे की बालियां 4 फीट तक हो सकती है तो एक बार के लिए यकीन करना आपके लिए मुश्किल होगा। लेकिन ये सच्चाई है। राजस्थान के सरहदी बाड़मेर जिले में किसान बाजरे की तुर्की किस्म की खेती कर 4 फीट लंबी बाली उगा रहे हैं।

10 क्विंटल तक पैदावार

सामान्यत बाजरे की किस्म में एक से डेढ़ फीट तक बालियां और पौधों की लंबाई आठ फीट तक होती है। लेकिन तुर्की किस्म के पौधों की बालियां 4 फीट तक हो जाती है। सबसे खास बात यह है कि इस किस्म का तना 10 फीट तक लंबा होता हैं। 

सरहदी बाड़मेर जिले में इस बार किसान अपने खेत मे तुर्की किस्म के बीज की बुआई कर रहा है। प्रायोगिक तौर पर एक बीघा भूमि में इस बाजरे को बोया जा रहा है। देशी बाजरे की तीन से चार क्विंटल की तुलना में इस किस्म से आठ से दस क्विंटल प्रति बीघा तक उत्पादन होता है।

1 हेक्टेयर में 5 किलो पड़ता है बीज

कृषि वैज्ञानिक ड़ॉ रावताराम भाखर ने बताया कि देशी बीज की तुलना यदि किसान तुर्की किस्म का बीज लगाते है तो दोगुना उत्पादन होता है। इसके साथ ही इसका सिट्टा 3-4 फीट लंबा होता है और इसकी लम्बाई 12-15 फीट होती है। इतना ही नहीं, एक हेक्टेयर में तुर्की किस्म की बुआई के लिए 5 किलो बीज की ही जरूरत होती है जबकि  देशी बीज की तुलना में इसका उत्पादन दोगुना हो जाता है।
 

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