nigamratejob-logo

हरियाणा में अब भ्रष्ट अधिकारियों को नहीं खैर, सरकार ने बनाया ये एक्शन प्लान, खाली कर देगी खाता

 | 
हरियाणा में अब भ्रष्ट

Haryana Vigilance Bureau:अब अगर कोई अधिकारी रिश्वत लेता मिल गया तो उसको बख़्शा नहीं जाएगा।हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने  विजिलेंस के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ तैयार किए गए एक्शन प्लान की जानकारी दी।अब भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की काली  कमाई से अर्जित संपत्ति को कुर्क करेगी। सरकारी अधिकारियों के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित लोगों को ‘ट्रैप मनी‘ प्रदान करने के लिए विजिलेंस की ओर से एक रिवाल्विंग फंड भी स्थापित किया जाएगा।

इसका फायदा यह होगा कि शिकायतकर्ताओं को अपनी जेब से रिश्वत  के पैसे का इंतजाम नहीं करना पड़ेगा। रिश्वत मांगने वालों की शिकायत के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने और रिश्वतखोरी की शिकायतों को टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 और वाट्सएप  नंबर 094178-91064  जारी किया गया हैं। विजिलेंस ब्यूरो इस साल ढाई गुना मैनपावर के साथ बड़े स्तर पर भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसेगा।

ब्यूरो की बढ़ाई संख्या

ब्यूरो के अधिकारी व कर्मचारियों की संख्या सरकार ने बढ़ा दी है। पहले ब्यूरो में 533 पद थे, लेकिन अब 809 और पदों की स्वीकृति मिल गई है, जिसके बाद यह संख्या 1342 पहुंच गई है। सरकार ने सूचनाओं को रोकने के लिए स्वतंत्र गवाहों की नियुक्ति की प्रणाली में बदलाव किया है तथा छह डिविजनल सतर्कता ब्यूरो का सृजन किया है।

पंचकूला में हैं दो डिवीजन

हरियाणा में वर्ष 2023-2024 के लिए सतर्कता संबंधी पहलों को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अब ट्रैप केस में किसी भी तरह की अनुमति लेने की जरुरत नहीं है, जो बहुत बड़ा बदलाव है। बड़े स्तर पर अपराधों में भी अब सीधे तौर पर कार्रवाई करने के लिए सरकार ने ब्यूरो को अनुमति दे दी है।

छह नए डिवीजनल विजिलेंस ब्यूरो काम करने लगे हैं। मैनपावर बढ़ने के बाद काम तेजी से होगा। फोरेंसिक साइंस के संबंध में आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है कि डिविजनल फोरेंसिक साइंस लैब पंचकूला में दो डिवीजन बनेगी, जो विजिलेंस ब्यूरो के लिए काम करेगी।

शत्रुजीत कपूर ने बताया कि सतर्कता ब्यूरो ने अपना ध्यान क्लर्क, पटवारी, लाइनमैन, पुलिस कर्मियों आदि जैसे कनिष्ठ स्तर के कर्मचारियों से वरिष्ठ रैंक पर स्थानांतरित किया, जो अक्सर संगठित भ्रष्टाचार रैकेट चलाने में सरगना होते हैं। ब्यूरो राज्य भर के विभिन्न विभागों, संस्थानों और कार्यालयों में मुखबिरों, पीडि़त व्यक्तियों और सूत्र की फीडबैक प्रणाली के आधार पर डेटा भी एकत्र कर रहा है।

246 मामले किये गए दर्ज

शत्रुजीत कपूर के अनुसार ब्यूरो ने 2022 में 170 ट्रैप सहित 246 मामले दर्ज किए जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक हैं। 2022 में 170 रेड की हैं और मौके पर व तलाशी के दौरान 6 करोड़ 21 लाख 70 हजार 230 रुपये बरामद किए हैं। वर्ष 2022 के दौरान 27 राजपत्रित अधिकारी, 166 गैर-राजपत्रित अधिकारी और 27 निजी व्यक्तियों सहित कुल 220 सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। 246 मामलों में से 170 केस रेड व ट्रैप में और 76 जांच व विशेष चेकिंग पर दर्ज किए गए।

हर महीने भ्रष्टाचार के आरोपी कर्मचारी किये गिरफ्तार
 
हर महीने लगभग 18 सरकारी कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2022 के दौरान पूरी की गई 90 जांचों में से ब्यूरो ने 27 राजपत्रित अधिकारियों, 32 अराजपत्रित अधिकारियों और 23 निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने, 20 जांचों में 36 राजपत्रित व आठ अराजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ 14 जांचो में विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। आठ जांचों में 5 राजपत्रित अधिकारियों, 14 अराजपत्रित अधिकारियों और 1 निजी व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक मामलों दर्ज करने के लिए भी कहा है।

टोल फ्री नंबर किया जारी 
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने और रिश्वतखोरी की शिकायतों को टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 और 1064 और वाट्सएप नंबर 094178-91064  जारी किया गया हैं। 

सरकारी योजनाएं

सक्सेस स्टोरी