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Haryana News: सिरसा में बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले बाप को सुनाई फांसी की सजा, पहली बार पॉक्सो एक्ट में कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

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SIRSA NEWS

Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाले कलयुगी बाप को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। सिरसा के इतिहास में पहली बार पॉक्सो एक्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वीरवार को 12 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को मौत की सजा सुनाई है। इससे पहले हत्या व तस्करी के मामले में दो बार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई थी।

सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी पिता न्यायाधीश प्रवीण कुमार से हाथ जोड़कर बोला कि जज साहब मुझे फांसी की सजा मत देना। मानता हूं मेरे से बहुत बड़ी गलती हुई है। दोषी कठघरे में रोते हुए न्यायाधीश के सामने गिड़गिड़ाने लगा। न्यायाधीश कुछ देर तक उसकी ओर देखते रहे। इसके बाद बोले जो घोर अपराध तुमने किया है, उसके लिए मौत की सजा देना न्याय संगत है।

इसके बाद न्यायाधीश ने दोषी को फांसी की सजा सुना दी। इसके बाद कड़ी निगरानी में उसे जेल पहुंचाया गया। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी राजीव सरदाना ने की थी। सरदाना ने न्यायालय से इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताते हुए दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की थी। 

पीड़िता को मिलेगा साढ़े पांच लाख रुपये मुआवजा

न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने फैसले में पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। मुआवजा राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पीड़िता को दी जाएगी। इसके अलावा दोषी पर जो 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है वह राशि भी पीड़िता को दी जाएगी।

डर के कारण अभी भी शेल्टर होम में रह रही है पीड़िता

पीड़ित किशोरी अपने साथ पिता की हरकत से बुरी तरह डर गई थी। आज भी उसे पिता का डर सताता है। डर की वजह से उसने घर जाने से इन्कार कर दिया। पीड़िता शेल्टर होम में बाल कल्याण समिति की निगरानी में रह रही है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा का कहना है कि घटना के बाद पीड़िता को समिति के समक्ष पेश किया गया था। समिति ने उसकी काउंसिलिंग की। पीड़िता बहुत सहमी हुई थी। उसने समिति से कहा था कि वह अपने परिवार में नहीं जाना चाहती। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर बाल कल्याण समिति ने पीड़िता को अपनी निगरानी में शेल्टर होम में रखा है। अब कोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की जाएगी। 

ये है पूरा मामला

पुलिस को दिए बयान में बालिका ने बताया था कि वह सातवीं कक्षा में पढ़ती है। उसका पिता शराब पीने का आदी है। नशे में घर पर झगड़ा करता रहता है। 26 सितंबर 2020 को उसके पिता ने उसकी मां के साथ झगड़ा करके उसे घर से बाहर निकाल दिया। रात को वह अपने भाई के साथ चारपाई पर सोई हुई थी। देर रात पिता ने उसे उठाया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। पिता ने उसे धमकी दी कि अगर किसी को इस बारे में बताया तो जान से मार दूंगा। 

अगले दिन मां घर लौटी तो उसने डर के मारे उसे कुछ नहीं बताया। इसके बाद पेट में दर्द होने लगा तो उसने मां को सारी आप बीती बता दी। इसके बाद मां उसे सरपंच के पास ले गई। फिर घटना की जानकारी महिला थाना सिरसा पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो गई थी। इस पर पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करके आरोपी पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।

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