logo

हरियाणा में आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पूर्व सरपंच व 2 पुलिस कर्मियों सहित 17 के विरुद्ध मामला दर्ज भुना

भूना में पुलिस ने ढाणी गोपाल निवासी नवीन के बयान पर गांव के पूर्व सरपंच व 2 पुलिस कर्मियों सहित 17 लोगों के विरुद्ध धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
 | 
आत्महत्या
नवीन ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 10 अगस्त 2022 को सुबह 10 बजे वह किसी काम से अपने बीवी-बच्चों को लेकर ससुराल चला गया। उस समय उसके माता-पिता घर पर ही थे। शाम 5 बजे उसके पास गांव से फोन आया कि आपके पिता की तबीयत अचानक खराब हो गई है और वे खैरी से भूना रोड़ पर पड़े हैं। यह सूचना पाकर वह आधे घंटे में मौके पर पहुंचा तो देखा कि उसके पिता के आस-पास पुलिस खड़ी थी और उसके पिता को चादर से ढक रखा था। आपको बता से की उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने कहा कि आपके पिता का पोस्टमार्टम फतेहाबाद में करवाना है। तब वह तथा उसके मामा का लड़का प्रीतम पुलिस के साथ फतेहाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे। जब रास्ते में अपने पिता की जेब चैक की तो 7-8 कागज मिले जिनमें उन्होंने अपने मरने की वजह व आरोपियों के नाम लिखे थे। उसे लगा कि उसके पिता ने सुसाईड किया है।
उसने उसी समय पुलिस को इस बात की जानकारी दी और बताया कि लोगों ने उसे व उसके परिवार को शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान कर रखा है। इसी वजह से उसके पिता ने आत्महत्या की है। 11 अगस्त 2022 को उनका पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस ने काफी कागजात पर उसके हस्ताक्षर करवाए। उसके बाद जब गांव में पंचायत हुई और पूर्व सरपंच हनुमान ने उसे डराया व धमकाया और बोला कि उसकी बहू फिलहाल सरपंच है। उसकी मंत्रियों तक अच्छी पहुंच है और गांव उसके साथ है। वह उसका और इन लोगों का कुछ भी नहीं कर सकता है। जो तेरे पिता का हाल हुआ है, वही तेरे भी परिवार का होगा। इस दबाव में उसने पुलिस को ब्यान दिया, जोकि बिल्कुल सही नहीं था। इस वारदात से 3 दिन पहले वह अपनी पत्नी के साथ खेत से लौट रहा था तो बालू पहलवान ने उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। उसने इस बारे में अपने पिता को बता दिया था।
पंचायत में पूर्व सरपंच हनुमान ने धमकी देते हुए कहा कि सुसाइड नोट पर कोई कार्रवाई की तो तेरा पूरा परिवार को जान से मार देंगे। जिससे वह अधिक डर गया था। उसके पिता की मृत्यु पूर्व सरपंच हनुमान, सुनील, हरदीप, चंद्रभान,बालू पहलवान, प्रवीन, रामस्वरूप, नरेश, दीपक, संजय, सुंदर, लवप्रीत उर्फ लभा (खासा पठाना), योगी, दाऊद, जयराम, कृष्ण पुलिसवाला, जो इनका रिश्तेदार है व राजपाल हवलदार की वजह से बार-बार तंग व परेशान करने, तथा झुठे मुकदमें बनवाने के कारण हुई है। पहले भी इनमें से 6 लोगों के खिलाफ मार पिटाई का मुकद्दमा भूना थाना में दर्ज हो चुका है। उसके पिता ने मरने से एक दिन पहले उसे कहा था कि उपरोक्त लोगों ने उसे बहुत तंग व परेशान किया हुआ है। वे उसका रास्ता रोकते हैं,और मारपीट करते है़। उसके ऊपर एस.सी.-एस.टी. एक्ट की झुठी दरख्वास्त सुनील व हरदीप ने अपने मजदूरों द्वारा दिलाकर उससे 2 बार 1-1 लाख रुपए ऐंठ लिए हैं और कहां था कि अब उनके पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है क्योंकि इन लोगों की राजनीतिक पहुंच है और ये लोग पैसे वाले हैं। हम गरीब हैं और हमारी कहीं कोई सुनवाई भी नहीं होती।
उसने अपने पिता को कहा था कि मरने से कोई हल नहीं है। इस पर उन्होंने बताया कि कभी ये लोग उनकी फसल जला दिया करते थे और कभी फसल को बहा देते थे।ये लोग एकजुट हैं और अब वह इन लोगों का और मुकाबला नहीं कर सकता और आत्महत्या के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने उपरोक्त के खिलाफ कई बार भूना थाना में शिकायत की। आरोपियों की प्रताडऩा से तंग आकर उसके पिता ने आत्महत्या की है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सरकारी योजनाएं

सक्सेस स्टोरी