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Happy Birthday Kartik Aaryan: ऐसे खुली फिल्मों में कार्तिक आर्यन की किस्मत, मिथुन को कहा उल्टा-सीधा तो...

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Happy Birthday


Kartik Aaryan Films: कार्तिक आर्यन मुंबई में फिल्मों काम पाने के लिए यहां-वहां घूमते हुए ऑडिशन देते थे. उन्हें पहला ब्रेक मिला फिल्म प्यार का पंचनामा में. जिसमें वह अकेले नहीं बल्कि तीन-तीन हीरो थे. उनके साथ फिल्म में दिव्येंदु शर्मा और रायो बखरीता भी थे. कार्तिक को यह फिल्म मिली, जब वह फेसबुक देख रहे थे. उन्होंने देखा की प्यार का पंचनामा नाम की फिल्म के लिए कास्टिंग कॉल है. उसमें तीन हीरो चाहिए. कार्तिक के मन में उम्मीद जागी और ऑडिशन के लिए पहुंचे, परंतु उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. टीम ने कहा कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती. लेकिन कार्तिक ने हार नहीं मानी और लगे रहे. आखिरकार छह महीने तक कई ऑडिशन देने के बाद उनका सिलेक्शन हो गया. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान कार्तिक लगातार उस फ्लैट में रहे, जहां उनके साथ 12 युवा और रहते थे, जो इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे.

किसने मिलवाया सुभाष घई से
प्यार का पंचनामा सफल रही लेकिन कार्तिक को उनके मोनोलॉग की वजह से पहचान मिली, जिसमें वह नॉन स्टॉप चार मिनिट तक लंबा डायलॉग बोलते हैं. यह हिंदी सिनेमा के सबसे लंबा डायलॉग में से है. इसके बाद इसी टीम ने उन्हें आकाशवाणी में लिया और कार्तिक ने भी अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. परंतु आकाशवाणी फ्लॉप हो गई. कार्तिक का स्ट्रगल फिर शुरू हो गया. इस बीच सुभाष घई ने अपनी नई फिल्म कांची के लिए हीरो की तलाश शुरू की थी. घई के लिए किसना शूट करने वाले कैमरामैन सुधीर चौधरी ने कार्तिक की प्यार का पंचनामा और आकाशवाणी शूट की थी. उन्होंने घई को कार्तिक के बारे में बताया. कार्तिक से पहली ही मुलाकात में घई ने कहा वह अपनी फिल्म कांची में उन्हें हीरो बना रहे हैं.

सामने आए जब मिथुन चक्रवर्ती
घई की फिल्म मिष्टी चक्रवर्ती हीरोइन थीं. इसमें मिथुन चक्रवर्ती और ऋषि कपूर भी थे. कार्तिक यूं तो एक्टिंग करते हुए मंज गए थे, लेकिन शूटिंग में एक सीन आया, जिसमें उन्हें मिथुन चक्रवर्ती को भला-बुरा कहना था तो उनके हाथ-पैर फूल गए. मिथुन के साथ कार्तिक का यह पहला ही सीन था. मिथुन जैसे दिग्गज एक्टर को पहले ही सीन में उल्टा-सीधा कहने की हिम्मत कार्तिक की नहीं हो रही थी. मिथुन यह बात समझ गए और उन्होंने कार्तिक को एक तरफ ले जाकर कहा कि तुम्हारे मन में जो भी आए, मुझे देखकर बोलते जाना. इसमें घबराने की बात नहीं है. आखिर कार्तिक ने हिम्मत जुटाई और यह सीन किया. सीन बढ़िया हुआ. कार्तिक कहते हैं कि कांची में यह मेरा फेवरेट सीन है. यह अलग बात है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाब नहीं हुई. परंतु कार्तिक के काम की तारीफ हुई बतौर हीरो आगे फिल्में मिलने लगीं.

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