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Mission 2024: हरियाणा मंत्रिमंडल में फेरदबल की तैयारी शुरू, नॉन परफार्मर दो मंत्रियों की छुट्टी तय

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सीएम मनोहर


हरियाणा में मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसे विधायकों को मंत्री पद दिए जाएंगे जो अपने क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को भुना सकें। दो ऐसे मंत्रियों की छुट्टी होने की संभावना है जो नॉन परफार्मर रहे हैं। मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है। क्योंकि पहले ही 14 मंत्री हैं इसलिए नियमानुसार ज्यादा को झंडी नहीं दी जा सकती। नए मंत्री बनाने के लिए कुछ को हटाना होगा। 


हाल ही में गुरुग्राम में हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद राज्य के शीर्ष नेतृत्व की केंद्रीय नेतृत्व से बैठक हुई है और उसमें इस बारे में चर्चा हुई है। इस बैठक में सीएम मनोहर लाल और हरियाणा प्रभारी विपल्ब देब भी मौजूद थे। बैठक में गठबंधन के सहयोगियों पर भी चर्चा हुई।


केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर चर्चा कर चुका है कि 2024 में राज्यों से ही सांसद चुन कर आने हैं। हरियाणा में जनता ने लोकसभा चुनाव में भरपूर समर्थन दिया है। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में लोकसभा चुनाव में दस में से नौ सीटें आई थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी दस सीटें भाजपा की झोली में आईं। इस बार इन सीटों का आंकड़ा कम न हो इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व का पूरा दबाव है।

लिहाजा मंत्रिमंडल में नए चेहरों को जगह देने की बात पर मंथन हुआ है। प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मतगणना बाकी है। उसके बाद फरीदाबाद, मानेसर और गुरुग्राम के निकाय चुनाव होने हैं। इन चुनाव के बाद सरकार चुनावी मोड में आ जाएगी। सरकार के पास फील्ड में जाकर कहने के लिए क्या है, इस पर भी मंथन शुरू हो गया है। लोकसभा 2024 की तैयारी को देखते हुए प्रदेश के सभी सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में रैलियां करने के लिए भी कहा गया है।

भव्य बिश्नोई को उम्मीद जगी 
आदमपुर से जीत के बाद दिल्ली दरबार में भव्य बिश्नोई को भी मंत्री पद दिए जाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। तर्क यह दिया गया है कि भव्य के मंत्री बनने से आस-पास के क्षेत्र में सीटें अधिक आएंगी। भाजपा जीटी बेल्ट के अलावा इस बेल्ट में भी मजबूत होगी। लेकिन यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल की इच्छा से ही तय होगा कि मंत्री कौन बनेगा कौन नहीं।

हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई 
संविधान के अनुसार मंत्रियों की संख्या कुल विधायकों की संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है। हरियाणा में विधायकों की कुल संख्या 90 है। विधायकों की संख्या के अनुसार प्रदेश में 13.5 मंत्रियों से अधिक नहीं हो सकता है। राज्य में वर्तमान में मंत्रियों की कुल संख्या 14 हो गई है जो संविधान के खिलाफ है। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई है कि संविधान के अनुरूप तय संख्या में ही मंत्रियों की संख्या सुनिश्चित करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया जाए।

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