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एक, दो, नहीं महिला ने 6 बच्चों को दिया जन्म, घरवाले भी हैरान

हाल ही में पाकिस्तान में एक महिला ने एक साथ 6 बच्चों को जन्म दिया है, इस दौरान एक बच्चे की पैदा होते ही मौत हो गई जबकि बाकी बचे हुए 5 बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं. ऐसे में आज हम आपकों बताने जा रहे हैं कि कैसे पैदा होते हैं एक साथ इतने सारे बच्चे और क्या है इसके कारण और लक्षण
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पाकिस्तान के कराची में एक महिला ने एक साथ 6 बच्चों को जन्म दिया है. जिसमें 4 लड़के, दो लड़कियां थीं जिसमें से एक लड़की ने पैदा होते ही दम तोड़ दिया.

कराची के कालापुल में रहने वाली हिना जाहिद ने जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में इन 6 बच्चों को जन्म दिया. डॉक्टर्स ने बताया कि सभी बच्चे नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए हैं. डॉक्टर्स ने यह भी बताया कि सभी बच्चे नॉर्मल हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं.

जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर के डायरेक्टर के मुताबिक, पैदा हुए 6 बच्चों में से जिस बच्चे की पैदा होते ही मौत हो गई थी, वह एक लड़की थी. अब 5 बच्चों में से 4 लड़के हैं और 1 लड़की. उन्होंने यह भी बताया कि सांस लेने में दिक्कत होने के कारण सभी बच्चों को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ में शिफ्ट किया गया है. महिला का पहले से ही एक बच्चा है.

इसी साल अगस्त के महीने में पाकिस्तान के सिंध में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया था. पाकिस्तान स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि उनके अस्पताल में अमरोत शरीफ नाम की एक महिला ने एक साथ 5 बच्चों को जन्म दिया था जिसमें 4 बेटियां और 1 बेटा था. उन्होंने बताया, मां समेत सभी बिल्कुल स्वस्थ थे. हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, महिला के भाई ने बताया कि शादी के 10 साल बाद उसकी बहन को ये खुशखबरी मिली. 

आइए जानते हैं एक ही डिलीवरी में कैसे पैदा होते हैं एक साथ कई सारे बच्चे.

दो से ज्यादा बच्चों के जन्म को मल्टीपल बर्थ के नाम से भी जाना जाता है. जब दो बच्चे एक साथ पैदा होते हैं तो उन्हें ट्विंस कहा जता है जबकि एक साथ 3 बच्चो के पैदा होने पर उन्हें ट्रिपलेट कहा जाता है. इसी तरह जब कोई महिला एक साथ 6 बच्चों को जन्म देती है तो उसे सेक्स्टुपलेट कहा जाता है. 

क्या होती है मल्टीपल प्रेग्नेंसी?

मल्टीपल प्रेग्नेंसी उसे कहा जाता है जिसमें एक महिला के गर्भ में एक से ज्यादा बच्चे पल रहे होते हैं. अधिकतर मामलों में महिलाएं एक साथ दो या तीन बच्चों को जन्म देती हैं लेकिन ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें महिलाओं ने एक ही बार में 3 से ज्यादा बच्चों को जन्म दिया है. सिंगल प्रेग्नेंसी की तुलना में मल्टीपल प्रेग्नेंसी में खतरा काफी ज्यादा होता है. 

कैसे होती है मल्टीपल प्रेग्नेंसी?

मल्टीपल प्रेग्नेंसी दो तरीकों से हो सकती है. 

एक फर्टिलाइज्ड एग का गर्भाशय की परत में इंप्लांट (प्रत्यारोपित) होने से पहले विभाजित हो जाना.

दो या उससे ज्यादा विभाजित अंडों का एक ही समय पर अलग-अलग स्पर्म के जरिए फर्टिलाइज्ड होना.

इन दोनों अलग-अलग टाइप की मल्टीपल प्रेग्नेंसी का रिजल्ट आइडेंटिकल और फ्रैटरनल हो सकता है. जो बच्चे आइडेंटिकल होते हैं, वह एक जैसे दिखते हैं और समान लिंग के होते हैं.

आइडेंटिकल ट्विंस और ट्रिप्लेट तब होते हैं जब एक सिंगल अंडा फर्टिलाइज्ड होता है और बाद में अलग हो जाता है. ये अलग-अलग भ्रूण आइडेंटिकल होते हैं. 

फ्रैटरनल मल्टीपल्स अलग-अलग अंडों और अलग स्पर्म के जरिए फर्टिलाइज्ड होते हैं. क्योंकि यह अलग अंडे और अलग स्पर्म होते हैं इसलिए इसके जरिए पैदा होने वाले बच्चे अलग-अलग जेनेटिक्स वाले हो सकते हैं. इसके जरिए पैदा हुए बच्चे एक जैसे नहीं नजर आते और ना ही इनका लिंग समान होता है. 

3 या उससे ज्यादा की प्रेग्नेंसी में आपके बच्चे या तो पूरी तरह से आइडेंटिकल होंगे या पूरी तरह से फ्रेटरनल या मिक्स भी हो सकते हैं. ऐसा तब हो सकता है जब आपका शरीर बहुत सारे एग्स रिलीज करता है और एक से ज्यादा एग फर्टिलाइज होते हैं. ऐसे मामले में जहां आपके पास आइडेंटिकल और फ्रेटरनल मल्टीपल्स होते हैं, एक से ज्यादा एग फर्टिलाइज्ड होते हैं और उसके बाद उनमें से कम से कम एक एग फर्टिलाइजेशन के बाद अलग हो जाता है.

किन चीजों से बढ़ते है मल्टीपल प्रेग्नेंसी के चांसेज?

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनसे मल्टीपल बर्थ का खतरा बढ़ सकता है. इन मामलों में हो सकते हैं एक साथ कई बच्चे- 

30 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान करने वाली महिलाओं में होता है मल्टीपल प्रेग्नेंसी का खतरा ज्यादा.

ट्विंस पैदा करने की फैमिली हिस्ट्री

फर्टिलिटी ड्रग्स का इस्तेमाल करना

जिन महिलाओं की हाइट एवरेज से ज्यादा लंबी होती है या जिन महिलाओं का बॉडी वेट काफी ज्यादा होता है, उनमें मल्टीपल प्रेग्नेंसी का खतरा काफी पाया जाता है. 

मल्टीपल प्रेग्नेंसी का एक और बड़ा कारण जेनेटिक्स हैं. अगर आप खुद भी मल्टीपल प्रेग्नेंसी से पैदा हुए हैं तो इसकी काफी ज्यादा संभावना रहती है कि आपकी भी मल्टीपल प्रग्नेंसी होगी. 

मल्टीपल बर्थ का एक और बड़ा कारण फर्टिलिटी ड्रग्स का इस्तेमाल करना है. अगर आप इंफर्टिलिटी का ट्रीटमेंट करवा रहे हैं तो मल्टीपल प्रेग्नेंसी का खतरा काफी ज्यादा होता है. आईवीएफ ट्रीटमेंट के दौरान कई बार डॉक्टर एक से ज्यादा फर्टिलाइज्ड एग्स को महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर करते हैं. जिससे भी मल्टीपल प्रेग्नेंसी का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है.

कितने कॉमन है मल्टीपल बर्थ?

बीते कुछ सालों में मल्टीपल बर्थ काफी कॉमन हो गया है क्योंकि बहुत से लोग बच्चे पैदा करने के लिए फर्टिलिटी ड्रग्स और आईवीएफ का सहारा ले रहे हैं. 

क्या हैं मल्टीपल प्रेग्नेंसी के संकेत?

वैसे तो अल्ट्रासाउंड के जरिए इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आपकी प्रेग्नेंसी सिंगल है या मल्टीपल. लेकिन अगर आपकी मल्टीपल प्रेग्नेंसी है तो कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं. आइए जानते हैं मल्टीपल प्रेग्नेंसी के इन लक्षणों के बारे में-

बहुत ज्यादा जी मिचलाना और उल्टी

प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में वजन का बहुत ज्यादा बढ़ना

ब्रेस्ट का काफी ज्यादा कोमल महसूस होना

शरीर में HCG लेवल (human chorionic gonadotrophin) का बढ़ना. यह हार्मोन प्रेग्नेंसी के दौरान ही बनता है. 

खून में प्रोटीन अल्फा- फिटोप्रोटीन की मात्रा हाई होना

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