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राहुल गांधी के लिए हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी अभी बाकी है, नए संगठन में किसका रहेगा दबदबा कांग्रेस

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Haryana News
हरियाणा प्रदेश में कांग्रेस कमेटी के नए प्रतिनिधियों और विधायकों की बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए है।जिसमें प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य, प्रदेश चुनाव समिति व राज्य के AICC सदस्यों को नामित करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को सर्वसम्मति से अधिकृत करने का प्रस्ताव पेश किया गया। आपको बता कि इसके अलावा राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाए जाने से संबंधित प्रस्ताव को भी इस बैठक में सर्वसम्मति के साथ पारित कर दिया गया है।
 चंडीगढ़ में कांग्रेस के विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और डेलिगेट्स की बैठक चंडीगढ़ में नेता विपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के आवास पर हुई। बैठक तो हो गई लेकिन 195 डेलिगेट्स के नाम की सूची अभी तक जारी नहीं हो पाई है। इस सूची के जारी होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष उदय भान के मुताबिक 22 सितंबर तक इंतजार करना पड़ेगा। आपको बता दे कि अभी इस लिस्ट में हुड्डा ग्रुप का ही दबदबा है।सूची अभी सार्वजनिक नहीं कि गई है।यह अहम है क्योंकि इसी को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने मधुसूदन मिस्त्री के समक्ष सवाल खड़े किए थे।
बैठक में 195 डेलिगेट्स में से कई नहीं पहुंचे। नए बने डेलिगेट्स को फोन पर सूचित कर बैठक के लिए बुलाया गया था।ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जो सूची अभी पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री के पास है।हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष के मुताबिक 5 से 7 डेलीगेट आज की बैठक में पहुंच नही पाए थे।चंडीगढ़ में में इस अहम बैठक में कुछ नेता देरी से पहुंचे।इनमें हरियाणा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सैलजा के साथ राज्यसभा से सांसद दीपेंद्र हुड्डा, कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज भी शामिल हैं।प्रदेश अध्यक्ष उदय भान के मुताबिक उनकी फ्लाइट में देरी के चलते ये लोग समय पर नहीं पहुंच पाये।राहुल गांधी के लिए प्रस्ताव पारितबैठक में शामिल हरियाणा कांग्रेस के डेलिगेट्स की सूची को लेकर पार्टी के कुछ नेता नाराज और इस संबंध में उन्होंने मधुसूदन मिस्त्री के सामने शिकायत भी की थी।इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी के नाम आ रहे थे।इन सभी ने इस मुद्दे को लेकर अपनी बात मधुसूदन मिस्त्री के सामने रखी थी अब सूची को लेकर प्रदेश अध्यक्ष उदय भान कहते हैं कि यह सूची अब फाइनल हो गई है।उसी के बाद ही सभी डेलीगेट को बैठक में बुलाया गया था।
राहुल गांधी के लिए प्रस्ताव पारित भूपेंद्र हुड्डा और उदयभान भाई भतीजावाद के लग रहे थे। खास तौर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने इसको लेकर सवाल उठाए थे। जब इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष उदय भान से पूछा गया कि कुमारी सैलजा ने भाई भतीजावाद के आरोप लगाए हैं, तो इस पर उन्होंने कहा कि उनके सामने तो ऐसे आरोप नहीं लगाए गए है।हम सब एक साथ हैं।हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी सबसे बड़ी परेशानी- हरियाणा कांग्रेस में काफी लंबे समय से गुटबाजी की वजह से नेताओं में आपसी खींचतान अक्सर दिखाई देती है।बता दे कि जब पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गुट का प्रभाव अधिक हो गया है।तो ऐसे में कुछ नेता इससे नाखुश दिखाई देते हैं।इन नेताओं में राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा और पार्टी के वरिष्ठ नेता किरण चौधरी प्रमुख हैं। प्रदेश अध्यक्ष सब कुछ ठीक-ठाक होने की बात कह रहे हो लेकिन अभी भी यह दूरियां साफ तौर पर दिखाई दे रही हैं।
राहुल गांधी के लिए प्रस्ताव पारितचंडीगढ़ में हुई हरियाणा कांग्रेस की बैठक 2014 से नहीं बना हरियाणा में कांग्रेस का संगठन- हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी की वजह से 2014 से अभी तक हरियाणा प्रदेश पदाधिकारियों का चयन नहीं हो पाया है।करीब 8 साल से पार्टी अभी तक प्रदेश में अपने संगठन को खड़ा नहीं कर पाई है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह गुटबाजी ही रही है। अब इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष को दे दी गई है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान कहते हैं कि इस महीने के अंत तक संगठन का भी निर्माण हो जाएगा।

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