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Weather Update:दिल्ली एनसीआर के मौसम के लिए भविष्यवाणी, कहां है आज बारिश के आसार?

Weather News: मानसून (Monsoon) का सीजन का अब जल्द ही खत्म होने वाला है. दूसरी ओर उत्तर भारत के राज्यों में जबरदस्त बारिश (Heavy Rainfall) की गतिविधियां जारी हैं. ऐसे में जानते हैं राजधानी दिल्ली (Delhi Weather Update) समेत देश भर में आज होने वाली बारिश और आज के मौसम (Aaj Ka Mausam) का हाल.
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Weather Forecast Today Updates: क्या रहने वाला है आज के मौसम का हाल आइए जानते हैं. उत्तर भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश के मौसम (UP Weather alert) की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश जो तेज बारिश से तरबतर है, वहां पर ये सिलसिला भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 21 सितंबर तक यूं ही चलने वाला है. मौसम विभाग के ताजा अलर्ट में 19 सितंबर से 21 सितंबर तक छत्तीसगढ़, 20 तारीख को झारखंड, 20 सितंबर से 21 सितंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश (MP Rain alert) और विदर्भ में छींटे पड़ने की आशंका जताई गई है.

कहां है आज बारिश के आसार?

हालांकि आज देश के अधिकांश हिस्सों का मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है. लेकिन फिर भी हल्की से मध्यम वर्ग की बारिश असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा में आ सकती है. नॉर्थ ईस्ट (North East) के मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक असम (Assam) और मेघालय (Meghalaya) में कल भी बारिश के आसार बन सकते हैं.

क्या है दिल्ली एनसीआर के मौसम के लिए भविष्यवाणी?

दिल्ली में बीते दिनों हुई बारिश से तापमान में गिरावट साफतौर पर देखी गई है. बारिश की सौगात दिल्ली वासियों के लिए खुशनुमा मौसम का तोहफ़ा लेकर आई है. वहीं आईएमडी की माने तो आज भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाएं रहेंगे, लेकिन बारिश होने के आसार नहीं हैं.

भारी बारिश का अलर्ट

यूपी की राजधानी में भारी बारिश से हाहाकार दिखा तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बुधवार से रुक रुक कर बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक यूपी में दो दिन बाद मौसम फिर पलट सकता है. इसकी वजह से आने वाले दो से तीन दिनों में भारी बारिश के आसार हैं. IMD के मुताबिक 1901 के बाद ये चौथा मौका हो सकता है जब सितंबर के महीने में इतनी बारिश हुई हो. मौसम विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक 1917 के सितंबर में 285.6 mm बारिश हुई थी. 

सितंबर में बारिश की वजह

इसका पहला कारण प्रशांत महासागर के ऊपर बने अल नीनो का प्रभाव है जिसने मानसून को दबाया, तो जुलाई में कम बारिश हुई. दूसरा कारण ये रहा कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, इसके लगातार बनने की वजह से भारी बारिश होती है. वहीं IMD के मुताबिक लो प्रेशर वाला एक सिस्टम 10 दिन तक सक्रिय होता है. इसके लगातार बनने की वजह से सितंबर में तेज बारिश होती है.

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