गुसाईंयाना में बावरी समाज की कन्याओं का विवाह करवाने आगे आये ग्रामवासी, बेहद गरीबी में गुजारा कर रहा था परिवार

गुसाईयाना- हर मां- बाप का सपना होता है कि उसकी बेटी की डोली धूमधाम से उठे, लेकिन गरीब परिस्थिति के चलते यह संभव नहीं हो पाता। कुछ ऐसा ही देखने को मिला गुसाईंयाना गावं में शरणार्थी एक बावरी समाज के परिवार के साथ, एक और परिवार बेहद गरीब परिस्थिति से गुजर रहा तो वहीँ उनकी 2 कन्या शादी के लायक हो गयी।
गुसाईंयाना में बावरी समाज की निर्धन कन्याओं का विवाह करवाने आगे आये ग्रामवासीबता दे कि बावरिया समाज की 2 मासूम कन्या जिसने बचपन में अपने पिता का साया खो दिया, पिता की मौत के सदमे में नाबालिक भाई का मानसिक संतुलन ठीक नही था ओर पागल जैसी स्थिति से गुजर रहा हैं । दोनों बच्चियों पर मुसीबत का पहाड़ तो तब टूट पड़ा जब मां ने भी दूसरी शादी कर ली। अब जब लड़कीयां शादी के लायक हुई तो उन्होंने गुसाईयाना गांव की शरण ले ली।
जैसे ही गावं वालों को उनकी शादी का पता चला तो गावं के कई दानवीर और समाजसेवी आगे आये और उनकी शादी का खर्चे का जिमा उठाया, गांव के समाजसेवी साहबराम पत्रकार ने दोनो कन्याओं को 20000 रुपया नगद कन्यादान के रूप में दिए ओर समाजसेवी सुनील बेनीवाल ने शादी में लगने वाली पूरी मिठाई का खर्चा देने का बीड़ा उठाया है ।
वही समाजसेवी अशोक गोयल ने भी 5100 रुपया कन्यादान दिया है और 2100 रुपया शुशील बंसल (पेट्रोल पंप गुसाईंयांना) ने भी कन्यादान के रूप में दिया है। बाकी गांव के गणमान्य सदस्य 22 तारीख शादी के दिन कन्यादान के रूप में आर्थिक सहयोग करेंगे।