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Dinesh MN : 7 साल जेल में रहने वाले IPS दिनेश एमएन कैसे बने राजस्थान पुलिस के 'संकट मोचक'?

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Dinesh MN

जयपुर, 7 जुलाई। 'राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य 'अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास' का दूसरा नाम आईपीएस दिनेश एमएन भी है। राजस्थान में जब भी पुलिस का इकबाल बुलंद करने की नौबत आती है तो जिम्मेदारी IPS Dinesh MN के हाथों में सौंप दी जाती है।

बात चाहे कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर की हो या टेलर कन्हैयालाल की हत्या के बाद उदयपुर की फिज़ा में पसरे दहशत के बीच शांति कायम करने की। राजस्थान पुलिस के संकट मोचक आईपीएस दिनेश एमएन हर बार उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।

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कन्हैयालाल हत्याकांड उदयपुर राजस्थान
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में एमएन दिनेश ने राजस्थान कैडर में साल 1995 बैच के आईपीएस बनने से लेकर उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद लोगों के दिलों से खौफ दूर तक करने तक की पूरी कहानी बयां की। इसमें सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस में सात साल की जेल यात्रा और फिर रिहा होकर आने के बाद रिश्वतखोर अफसरों से जेल भर देने का भी जिक्र है।

कन्हैयालाल हत्याकांड के तुरंत बाद उदयपुर रवाना
28 जून को उदयपुर के धानमंडी थाना क्षेत्र के मालदास स्ट्रीट स्थित टेलर कन्हैयालाल की दुकान में घुसे मोहम्मद गौस व मोहम्मद रियाज ने कपड़े का नाप दिलवाने के बहाने कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात ने पूरे देश को झकझोर ​दिया था। उदयपुर में भी खौफ पसर गया। राजस्थान सरकार ने कन्हैयालाल हत्याकांड के तुरंत बाद जयपुर से एसीबी एडीजी दिनेश एमएन और आरएसी एडीजी जंगा श्रीनिवास राव को उदयपुर में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए भेजा

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छह दिन उदयपुर में रहे दिनेश एमएन
उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद 28 जून 2022 को ​ही दिनेश एमएन ने उदयपुर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। ये तीन जुलाई तक उदयपुर में रहे। इस बीच टेलर कन्हैयालाल की शवयात्रा में शामिल हुए। मौन जुलूस के दौरान लोगों को संबोधित कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों की सार्वजनिक बैठकें कर एक जुलाई को शांतिपूर्ण तरीके से उदयपुर में भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकलवाई।

भरोसा था उदयपुर के लोग मेरी बात मानेंगे-दिनेश एमएम
राजस्थान सरकार ने उदयपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी देकर दिनेश एमएन को उदयपुर इसलिए भी भेजा, क्योंकि दिनेश एमएन साल 2004 से 2007 तक यहां पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। खुद आईपीएस दिनेश एमएन भी कहते हैं कि 'मुझे उदयपुर के लोगों पर पूरा भरोसा था कि वे मेरी बात मानेंगे। साल 2007 में सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस में अरेस्ट होने पर लोग मेरे लिए सड़कों पर उतर आए थे। उदयपुर बंद भी रखा था।'

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दिनेश एमएन के साथ सेल्फी लेने की होड़ मची
दिनेश एमएन साल 2022 में बतौर एसीबी एडीजी उदयपुर पहुंचे और लोगों के दिलों से आतंक का खौफ दूर करने में जुटे तो उदयपुर के लोगों ने भी दिनेश एमएन के लिए पलक पांवड़े बिछा दिए। उनका खूब मान सम्मान किया। सड़क पर लोगों में दिनेश एमएन के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। खुद दिनेश एमएन ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उदयपुर की एक तस्वीर शेयर करते हुए वहां से लोगों से मिले प्यार व सपोर्ट के लिए थैंक्स कहा।

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