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Success Story: पति ने पत्नी के सपने को पूरा करने के लिए छोड़ी बैंक की नौकरी, पत्नी ने जज बनके पेश की मिसाल

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SUCCESS STORY

Success Story: ऐसा माना जाता है कि शादी के बाद लड़कियां अपनी घर गृहस्थी में पूरी तरह रम जाती हैं और वह अपने अस्तित्व को दरकिनार कर अपने परिवार के प्रति समर्पित हो जाती हैं, लेकिन इस बात को गलत साबित किया है जयपुर की मंजुला भालोटिया ने. मंजुला ने उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा में पहला नंबर हासिल किया है. आपको बता दें की प्रथम स्थान प्राप्त कर जज बनने वाली मंजुला दो बच्चों की मां हैं. मंजुला की कहानी देश की तमाम ऐसी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो शादी के बाद और मां बनने के बाद भी कुछ करने की और अपनी मंजिल को पाने की चाहत रखती हैं. 

बता दें कि मंजुला भालोटिया ने उत्तर प्रदेश की हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम को टॉप कर पहला नंबर हांसिल किया है। मंजुला रहने वाली जयपुर की हैं, उनकी शादी हरियाणा में हुई है और उन्होनें यूपी में टॉप किया है। इसलिए राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तीनों राज्यों में खुशी का माहौल है।

यूके से एमबीए किया

मंजुला भालोटिया जयपुर की रहने वाली हैं। मंजुला ने 2003 में साफिया कॉलेज, अजमेर से इकोनॉमिक्स ऑनर्स से किया। वह वहां से पढ़ने के लिए लंदन चली गईं, जहां उन्होंने 2005 में लीड्स बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। 2009 में उनकी मुलाकात सुमित अहलावत से हुई। दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद उन्होंने राजस्थान से एलएलबी की पढ़ाई की। यूके से एमबीए करने के बाद मंजुला ने 2 साल तक बार्कलेज बैंक में काम किया। शादी के बाद मंजुला भगत सिंह फूल सिंह विश्वविद्यालय खानपुर सोनीपत से एलएलएम की है।

MANJULA BHALOTIA SUMIT AHLAWAT

पति ने पत्नी के सपने के लिए छोड़ी नौकरी

एलएलएम के बाद मंजू ने अपने पति से कहा कि वे जज बनना चाहती हैं, उनकी पढाई काम नहीं आ रही। पति ने सपोर्ट किया। पत्नी की एक इच्छा पर उन्हें अनुमति दे दी। उन्होनें उत्तर प्रदेश ज्यूडिशियल सर्विसेज के बारे में पता किया और पढ़ाई शुरु कर दी। पढ़ाई के साथ-साथ दो बच्चे संभालना मंजू के लिए चुनौती बनता जा रहा था तो पति ने पत्नी के सपने के लिए अपनी अच्छी खासी बैंक नौकरी से इस्तीफा दे दिया। फिर वह बच्चे और परिवार संभलने लगें।

इसके बाद उनके पति ने आगे की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। 2016 में मंजूला नें लॉ की परीक्षाओं में हिस्सा लेने का फैसला किया। 2020 में उन्होंने यूपी ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा दी। अगस्त 2022 में इस परीक्षा के लिए इंटरव्यू हुए और उन्हें पहला स्थान प्राप्त हुआ।

पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल

इनके ससुर सेवानिवृत प्रिंसिपल डॉ. शमशेर अहलावत बताते हैं कि मंजुला पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहती थी। वर्ष 2009 में बेटे सुमित शादी करने के बाद भी इन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। पोती मनश्री और पोते रूद्रवीर की देखभाल के साथ पूरे परिवार को सम्भाला। लेकिन पढ़ाई में व्यवधान नहीं आने दिया। नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखी तो वर्ष 2017 में एडीए के पद पर चयनित हो गई। बहु के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायधीश पद पर चयनित होने के बाद लोग अहलावत परिवार को बधाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी बहु-बेटी भगवान सबको दे।

MANJULA BHALOTIA SUMIT AHLAWAT

किसान की बेटी होने पर गर्व

मंजुला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि किसान की बेटी होकर मैंने खेती की और अब मैं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के पद पर चयनित हुई। कोई व्यक्ति ईमानदारी और कड़ी मेहनत से किसी भी पद पर चयनित हो सकता है। मंजुला ने बताया कि ससुर शमशेर अहलावत और पति सुमित ने मेरा हौंसला बढ़ाया और आज इस मुकाम तक पहुंच गई हूं कि न्यायधीश की कुर्सी पर बैठकर दूध का दूध और पानी का पानी करूंगी।

31 अभ्यार्थियों की सूची में मंजुला ने किया टॉप

12 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा यूपी उच्च न्यायिक सेवा का परिणाम घोषित हुआ। 31 अभ्यार्थियों की सूची में मंजुला का नाम टॉप में है। सूची में 23 पुरुष और 8 महिलाओं का चयन किया है। 31 में से 30 सामान्य और एक एससी कैटेगरी से है। एससी कैटेगरी में पल्लवी प्रकाश का नाम वरियता सूची में 17वें स्थान पर है।

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