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Success Story: बेहद कठिनाई में गुजरा इस महिला अफसर का जीवन, कम उम्र में शादी, पति की मार, दो बच्चों को लेकर छोड़ा घर..., पढ़ें इनकी सफलता की कहानी

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कम उम्र में शादी, पति की मार, दो बच्चों को लेकर छोड़ा घर...

एमपी सरकार में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात सविता प्रधान की कहानी सुनकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। परिवार ने कम में उम्र में शादी करा दी थी। इसके बाद ससुराल में घरेलु हिंसा की शिकार हुईं। समाज की परंपरागत बेड़ियों में जकड़ीं सविता प्रधान कुछ दिनों तक सब कुछ सहती रहीं।

स्थिति ऐसी हो गई कि वह जान देने के लिए फांसी के फंदे पर झुलने की तैयारी कर रही थी। अचानक से कुछ ऐसा हुआ कि सविता प्रधान का इरादा बदल गया है और ससुराल से अपने बच्चों को लेकर निकल गई। बच्चों की परवरिश के साथ-साथ सविता प्रधान पीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पहली बार में ही उनका चयन हो गया। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी सफलता और संघर्ष की कहानी शेयर की है।

10वीं पास करने वाली गांव की पहली लड़की

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सविता प्रधान अपने गांव से 10वीं पास करने वाली पहली लड़की है। 10वीं पास करने के कुछ दिनों बाद ही परिवार के लोग शादी की बात करने लगे। अफसर सविता प्रधान ने एक इंटरव्यू में कहा कि 16-17 साल की उम्र में 10 साल बड़े लड़के से मेरी शादी करा दी गई थी। वह जब मुझे देखने आया तभी मेरे साथ बदसलूकी की थी। मैंने शादी से इनकार कर दिया। घर के लोगों के समझाने के बाद मैं शादी के लिए तैयार हुई।

ससुराल पहुंचने पर जिंदगी में तबाही

ससुराल पहुंचने पर जिंदगी में तबाही

अफसर सविता प्रधान ने कहा कि शादी के बाद मैं ससुराल पहुंच गई। वहां पहुंचने के बाद मेरे लिए कई कायदे कानून थे। पूरे परिवार का खाना बनाना होता था। साथ ही सिर पर हमेशा पल्लू रखने को कहा जाता था। पति बात-बात पर मेरी पिटाई करने आता था। मुझे समझ में नहीं आता था कि मेरा कसूर क्या है। इस दौरान मैं बीमार पड़ गई। मुझे एक अस्पताल में छोड़ दिया गया, जहां मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं। कुछ दिनों बाद बेटे को जन्म दिया। मैं ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। परिवार के लोगों ने कहा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। मैं ससुराल आई फिर से वही सब शुरू हो गया। कुछ महीनों बाद मैं दूसरे बच्चे की मां बनने वाली थी। इसके जन्म के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला।

बाथरूम में खाती थीं रोटियां

बाथरूम में खाती थीं रोटियां

एमपी की चर्चित अधिकारी सविता प्रधान ने कहा कि ससुराल में इतनी पाबंदियां थीं कि हम खाना भी नहीं सही से खा सकते थे। ससुराल के सभी लोगों के खाने के बाद आखिरी में मुझे खाना होता था। खाना नहीं बचने पर हम फिर से बना भी नहीं सकते थे। बनाने के बाद मैं रोटी को अंडर गारमेंट्स में छुपा लेती थी और बाथरूम में जाकर खाती थी।

फांसी जा रही थी लगाने

फांसी जा रही थी लगाने

उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा आया कि मैं जान देने जा रही थी। अपने बच्चों को खूब प्यार किया और गेट को बंद कर लिया। इसके बाद साड़ी से फांसी का फंदा तैयार कर लिया था। फंदा लगाने जा रही थी, तब मेरी नजर खिड़की पर गई। खिड़की खुली थी, वहां मेरी सास खड़ी थी। उन्होंने मुझे कुछ नहीं बोला। इसके बाद मैंने सोचा कि क्या मैं इनके लिए जान देने जा रही हूं। मैंने इरादा बदल दिया और यहां से निकलने का फैसला किया।
 

रिश्तेदार के पास जाकर रहने लगी

रिश्तेदार के पास जाकर रहने लगी

इसके बाद सविता प्रधान अपने ससुराल से निकल गई और एक रिश्तेदार के पास रहने लगी। बच्चों की परवरिश के लिए पॉर्लर में काम करने लगी। सविता ने कहा कि मैंने ससुराल छोड़ने से पहले ठान ली थी कि मैं किसी के घर में झाड़ू-पोछा कर लूंगी। वेश्या बन जाऊंगी लेकिन यहां नहीं रहूंगी। इसके बाद मेरी मां आ गई। मैं मां के साथ एक छोटे कमरे में रहकर तैयारी शुरू कर दी। साथ ही पढ़ाई करती थी। पहली बार मैंने रोजगार समाचार में पीएससी की वैकेंसी देखी। उसका फॉर्म भरकर मैंने तैयारी शुरू कर दी। पहली बार में ही पीटी क्लियर हो गया। इसके बाद खुशी का ठिकाना नहीं रहा। साथ ही मुझे हौसला भी मिला। उन्होंने बताया कि इसके बाद मेरा मेंस और इंटरव्यू भी क्लियर हो गया।

अफसर बनने के बाद पति से तलाक

अफसर बनने के बाद पति से तलाक

महिला अफसर सविता प्रधान ने बताया कि मुझे नौकरी मिल गई थी। मैं समाज की वजह से सब कुछ सह रही थी। अलग रहने के बाद भी पति का आना कम नहीं हुआ। अधिकारी बनने के बाद पति आकर मारपीट करता था। एक दिन सविता प्रधान ने अपनी परेशानी जिले के एसपी से शेयर की। इसके बाद उन्होंने मदद की। पति ने सरकारी बंगले पर पहुंचकर पिटाई शुरू की तो सविता ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने पति की खूब खातिरदारी की। इस घटना के बाद दोनों की राहें अलग हो गई। सविता प्रधान ने कहा कि मैं पहली महिला हूं, जिसका एक दिन की सुनवाई में तलाक हो गया।

जल्द ही बनने वाली हैं आईएएस

जल्द ही बनने वाली हैं आईएएस

सविता प्रधान पहले पति से तलाक के बाद 2015 में दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी से भी एक बच्चा है। वह अब अपने बच्चों और पति के साथ खुशहाल जिंदगी जी रही हैं। इसके साथ ही संघर्षरत महिलाओं की कहानी भी सामने लेकर आती हैं। एक दिन पहले ही सविता प्रधान ने एक महिला कुली की कहानी शेयर की हैं, जो पति की मौत के बाद मेहनत से परिवार को पाल रही है। वहीं, सविता प्रधान जल्द ही एलाइट आईएएस बनने वाली हैं।

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